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Ballia : बलिया रेलवे लाइन से जुड़ेगा बिहार का आरा


सहतवार से आरा तक बिछेगी लगभग 58 किमी नई रेलवे लाईन
मोदी सरकार ने दिये 78 करोड़
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का प्रयास लाया रंग
बलिया एवं आरा के बीच होंगे कुल सात स्टेशन
बलिया से रोशन जायसवाल की एक रिपोर्ट
बलिया।
भले ही बलिया ने देश को एक से बढ़ कर एक नेता दिया हो, लेकिन आजादी के बाद बलिया का उतना विकास नहीं हुआ जितना विकास बलिया का होना चाहिए, लेकिन अमृत काल में बलिया से आरा को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है, कार्य होने में 55 वर्ष लग गए। कांग्रेस की सरकार में प्रस्तावित इस परियोजना को भाजपा सरकार ने किया। पूरा जंगे आजादी में बलिया के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 55 वर्षों से सचिवालय के अलमारी में धूल फांक रही फाइल को निकलवा कर इस परियोजना को बलिया के नाम कर एक नई इबारत लिख दिया जो बलिया के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

रेल मत्रांलय ने आरा बलिया रेल लाइन के लिए धन आवंटित कराकर इसके निर्माण के मार्ग को भी प्रशस्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरा बलिया रेल लाइन का प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 इंदिरा गांधी के सरकार मे उन दिनों के रेल मंत्री राम शुभग सिंह जो आरा संसदीय क्षेत्र के सांसद हुआ करते थे। कांग्रेस सरकार के समक्ष रखा था, किंतु वह परियोजना और उनका प्रस्ताव उन्हीं की सरकार में त्रिशंकु की तरह लटक गया था। तब से उस प्रस्ताव की फाइल रेल मंत्रालल की आलमारी में धूल फांक रही थी। शायद उस समय कांग्रेस की प्रवृत्ति इस काम को करने की न हो।

अगर कांग्रेस को इस कार्य को अंजाम देने मे विकास नजर आता तो यह कार्य उसी समय हो गया होता। अगर यह रेल लाइन उन दिनों बन गयी होती तो आरा बक्सर बलिया का दियारा क्षेत्र काफी विकसित हो गया होता। यहां रोजी रोजगार के साधन और जीविकोपार्जन की योजनाएं सुलभ हो गई होती, क्योंकि यह रेल लाइन बन जाने से बलिया दिल्ली हावड़ा मेन लाइन से जुड़ गया होता। आरा बलिया रेल लाइन का मामला 55 वर्षों से लटका हुआ था और प्रस्ताव की फाइल मंत्रालय के अलमारी में धूल फांक रही थी। जब यह उन दिनों के रेलवे बोर्ड के सीईओ विनोद यादव के माध्यम से इसकी जानकारी प्रधानमंत्री, रेल मंत्री को हुई तो सरकार ने इस परियोजना को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृत किया और सर्वे के लिए 78 करोड़ रूपया स्वीकृत कर दिया।

रेलवे के कार्यदाही संस्था गति शक्ति ने बकुलहा आरा वाया महुली, बलिया आरा वाया नैनिजोर के रास्ते सर्वे कराया। पाया कि बकुलहा महुली वाया आरा के रास्ते में दो जगह दलदली जमीन है। इसलिए बलिया आरा वाया नैनिजोर से नई रेल लाइन बनाने की हरी झंडी दे दी गई और एफएसएल (फाइनल सर्वे रिपोर्ट) तैयार करने, टेंडर प्रक्रिया शुरू करने व भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड ने 55 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया है। बताया जा रहा है कि अब यह रेल लाइन आगामी 4 वर्षों में बन कर तैयार हो जाएगा। इसमें कुल सात स्टेशन बनेंगे। सोहिलपुर, कृपालपुर, नैनिजोर, धोबवल, उमराव गंज, धमार व मषाड़ इस नई रेल लाइन के बन जाने पर निश्चित रूप से आरा बक्सर व बलिया क्षेत्र मे विकास के पंख लगेंगे। रोजी रोजगार के अवसर मिलेंगे। क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कोरोना के समय विकास बाधित था, लेकिन कोरोना के बाद सरकार ने रफ्तार पकड़ लिया। शायद यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आजादी के बाद बलिया का जितना विकास होना चाहिए था वह 75 वर्षों में नहीं हुआ। इस बार भाजपा सरकार मंे सबसे अधिक विकास बलिया का हुआ है।

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