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Ballia : याद रहें यह धरती ऋषि मुनियों की है, सोच समझ कर बोलियेगा

रोशन जायसवाल,

बलिया। लोकसभा चुनाव का वक्त है। प्रत्याशी जनता के बीच पहुंच रहे है और विकास को लेकर बड़े बड़े वादे भी कर रहे है। वहीं मतदाताओं के बीच से एक आवाज निकल कर यह भी आ रही है कि याद रहें यह धरती ऋषि मुनियों की है, सोच समझ कर बोलिएगा, जितना आपसे विकास हो सके ,उतना ही बोलियेगा, झूठे वादे मत करियेगा, नहीं तो भृगु जी नाराज हो जाएंगे। यह वही धरती है जहां लाखों ऋषि मुनियों ने तपस्या की थीं यह भी भृगु की तपोभूमि है। यह गंगा की पवित्र स्थली है। नेताजी सोच समझ कर अपना विकास का वादा किजिएगा।

बलिया में क्या है मुद्दा
बलिया। बलिया में सबसे बड़ा मुद्दा हेल्थ से जुड़ा है। मेडिकल कालेज छोड़िये जो सरकारी अस्पताल है, लंबी चौड़ी इमारतें है उसमें न्यूरो स्पेशलिस्ट डाक्टर, सर्जन, हार्ट से संबंधित सीनियर चिकित्सक, बच्चों के अच्छे डाक्टरों की व्यवस्था की मांग हो रही है। मेडिकल कालेज बनने मेें तो काफी समय लगेगा लेकिन तत्काल की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि स्वास्थ्य ठीक रहें।

वादे पर विचार करना होगा
बलिया। जो वादा करिये उसे पूरा भी करियें। लोकसभा चुनाव में वादों पर कम काम पर ज्यादा विश्वास रखती है जनता। इसलिये उनका यह मुद्दा है कि बलिया में जो भी वादा हो उसे पूरा हो।

बलिया के वोटर क्यों है खामोश
बलिया। हर चुनाव में मतदाता खुलकर बोलते थे, लेकिन इस बार के चुनाव में मतदाता क्यों खामोश है। इस पर भी जरा सोचिये। आखिर क्यों मतदाता इस बार मौन दिखायी दे रहे है यह सोचनीय विषय है। मतदान में नौ शेष बचे है। मतदाता अभी भी खामोश है। उनकी चुप्पी की वजह क्या है यह तो आने वाले चुनाव में पता चलेगा।

किसका चुुनाव जनता लड़ रही है
बलिया। राजनीतिक बहस इस कदर हो रही है कि नेता आपस में मुद्दों को लेकर बहस करते नजर आ रहे है। इसी बीच यह भी मामला उठ रहा है कि जनता किसका चुनाव लड़ रही है। एक तरफ जनता चुनाव लड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ मोदी, ऐसा कुछ मतदाताओं का कहना है।

क्या पिछली बार की तरह है माहौल
बलिया। शहर के चौक क्षेत्र में सुबह के समय विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं में बहस हो रही है कि क्या पिछले चुनाव की तरह माहौल है। क्या मतदान को लेकर मतदाताओं में उमंग है। भले ही राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ता घर घर जाकर प्रत्याशी के नाम का वोट मांग रहे हो लेकिन जो उत्साह पूर्व के चुनावों में देखने को मिला वह इस बार कम दिखायी दे रहा है।

जरा पड़ोस वाली सीट पर भी नजर डालिये साहब
बलिया। बलिया सीट पर बहुत बहस कर लिये साहब, जरा पड़ोस वाली सीट, घोसी और सलेमपुर पर भी नजर डालिये, वहां का चुनावी माहौल क्या है समझ लीजिये। घोसी में बसपा के प्रत्याशी बालकृष्ण चौहान बढ़त बनाये तो राजीव राय की साइकिल रफ्तार पकड़ लेगी।


रविंद्र और रमाशंकर और भीम भी
बलिया। लोकसभा सलेमपुर की राजनीति में इस बार भाजपा प्रत्याशी रविंद्र कुशवाहा के सामने दो नये उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। हालांकि रमाशंकर विद्यार्थी जो सपा के प्रत्याशी है वह 2019 के लोकसभा चुनाव में मैदान में नहीं थे। अब 2024 में ताल ठोंक रहे है। वहीं बसपा के भीम राजभर नये उम्मीदवार के रूप में सलेमपुर में चुनावी दौड़ में है।

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