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Ballia : तो सपा के पास सनातन व रामइकबाल……..


अखिलेश के करीबी है प्रमुख दावेदार
रोशन जायसवाल
बलिया।
भाजपा भले ही अपने प्रत्याशियों के ऐलान में बिलम्ब कर रही हो लेकिन सपा बलिया लोकसभा सीट से मजबूत प्रत्याशी को उतारने का मन बना लिया है। सपा के राजनैतिक गलियारों में कई तर्क खुलकर सामने आ रहे है। सपा नेता कई तरह के तर्क दे रहे हैं। सपा की तरफ से जो तर्क सामने आ रहे है उस पर यदि गौर किया जाये तो सपा उसी को उम्मीदवार बनायेगी जो सपा के परम्परागत वोटों के साथ ही उस उम्मीदवार का वोट प्लस करें। ऐसे उम्मीदवार पर मंथन हो रहा है। यानि कि सपा यादव और मुसलमान को छोड़ ब्राह्मण व क्षत्रिय चेहरे पर फोकस कर सकती है। सपा के अन्दरखानों से चर्चा यह सामने आ रही है कि सपा के पास ब्राह्मण चेहरा में सनातन पाण्डेय और ठाकुर चेहरा में रामइकबाल सिंह एक बेहतर नेता देखे जा रहे है, लेकिन यह एक चर्चा है। चर्चा में तब दम होता है जब चर्चाओं में दम होती है।

वैसे रामइकबाल और सनातन की चर्चा राजनैतिक गलियारों में वर्तमान समय में बहुत तेजी से चल रही है। सपा के नेता यह भी तक दे रहे है कि 2019 के चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन में सनातन पाण्डेय लगभग 16 हजार वोट से चुनाव हारे थे। इसलिए सपा इनको दोबारा मौका दे सकती है। दूसरे चेहरे के रूप में रामइकबाल सिंह है जो लम्बे समय से भाजपा की राजनीति करने के बाद वर्तमान समय में वह भाजपा छोड़ कर सपा के साथ है और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नजर भी बने हुए है। 2022 विधानसभा चुनाव के पूर्व रामइकबाल सिंह ने भाजपा छोड़ी थी और सपा में आये थे और अखिलेश यादव रामइकबाल सिंह के घर भी गये थे। उस समय कुछ संकेत भी सपा मुखिया ने दिया था। एक चर्चा यह भी हो रही है कि सांसद नीरज शेखर के सपा छोड़ने के बाद ठाकुर चेहरा में पूर्व विधायक मंजू सिंह सपा की राजनीति में है।

ऐसे में एक मजबूत फायर ब्राण्ड नेता रामइकबाल सिंह सपा की राजनीति कर रहे है। यदि पूर्वांचल की सीटों पर नजर दौड़ाये तो बलिया लोकसभा सीट पर कई चुनाव में सजपा को सपा समर्थन करती रही है और पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर सपा के समर्थन से कई बार सांसद भी बने। उसके बाद नीरज शेखर भी दो बार सपा से सांसद रहे। इस दृष्टि से सपा क्षत्रिय चेहरों पर दांव लगा सकती है। तर्क यह भी है कि जब जब सपा से कोई क्षत्रिय चुनाव लड़ा तब तब सपा का परचम लहराता रहा, लेकिन 2019 के चुनाव में सपा ने किसी क्षत्रिय को टिकट न देेकर ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाया, लेकिन लड़ाई तो रोचक रही, किन्तु कम वोटों से सपा के उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा। एक तर्क और भी है कि यदि भाजपा ने बलिया लोकसभा सीट से क्षत्रिय चेहरे को मैदान में उतारा तो सपा ब्राह्मण चेहरे को उतार सकती है।
इनसेट:-
यह है प्रमुख दावेदार
बलिया लोकसभा सीट से पूर्व विधायक सनातन पाण्डेय, रामइकबाल सिंह, पूर्व मंत्री नारद राय, पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी, अवलेश कुमार सिंह।

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