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Ballia : बाहर घूमने नहीं जाएंगे छुट्टियां समर कैंप में ही बिताएंगे

बलिया समर कैंप में बच्चों ने बोला, मौजूद अतिथिगण लगे सोचने
बलिया।
गर्मी की छुट्टी में सभी स्कूल बंद हैं। बच्चों को घुमाने के बहाने अभिभावक नैनीताल, रानी खेत, मंसूरी, जम्मू, कश्मीर ले जा रहे हैं। लेकिन बलिया में ऐसा म्यूजिकल समर कैंप जहां बच्चे सहित अभिभावक आ रहे हैं और जमकर मजा ले रहे हैं। यकीन न हो तो एक बार आप भी आकर देख जाइये।
पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी, गर्म हवा यानी लू के थपेड़े चल रहे हैं। सभी स्कूल बंद हैं। ऐसे में बलिया की बात करें तो यहां भी सभी स्कूल बंद हैं। शनिवार को डॉ अरविन्द म्यूजिक एकेडमी द्वारा चल रहे समर कैंप में बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा। बता दें कि महिला अस्पताल रोड से रामपुरमहावल की तरफ जाते समय कटहल नाला क्रॉस करते ही डॉक्टर अरविंद म्यूजिक अकैडमी है जहां गायन, वादन नृत्य, गिटार, सितार, पियानो आदि की शिक्षा बारहों महीने दी जाती है अभी गर्मी की छुट्टियों में एक महीने का समर कैंप चल रहा है जो 20 जून को समाप्त हो जाएगा।

वहां आयोजित दैनिक बौद्धिक विमर्श के अतिथिगण दादर आश्रम डिग्री कॉलेज सिकंदरपुर बलिया के डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार पांडेय, समाज के ज्वलंत मुद्दों को बेबाकी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से लिखने एवं बोलने वाले समाजसेवी व कलमकार जनसंदेश टाइम्स के ब्यूरो चीफ रोशन जयसवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य समाजसेवी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संतोष चौरसिया व अन्य विद्वत जन ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि डॉक्टर अरविंद म्यूजिक अकादमी के संचालक एवं टाउन डिग्री कॉलेज के संगीताचार्य डॉ अरविन्द उपाध्याय ने अपनी प्रतिभा और कौशल से इस समर कैंप में उपस्थित देश के भावी कर्णधारों को परिमार्जित किया है। आज स्कूल एवं परिवार दोनों के भारी भरकम बोझ के नीचे बचपन दम तोड़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में पण्डित पारस नाथ उपाध्याय स्मृति ट्रस्ट से संबद्ध अरविन्द म्यूजिक एकेडमी द्वारा आयोजित यह समर कैंप अत्यंत सराहनीय है।

समर कैंप में उत्साह से लवरेज बच्चों ने खूब दिया जवाब
पत्रकार रोशन जयसवाल ने बच्चों से समर कैंप एवं करियर से संबंधित कुछ प्रश्न किया जिसके जवाब में बच्चों ने बाहर घूमने से अधिक इंजॉयफूल समर कैंप को बताया। बच्चों ने कहा कि समर कैंप ही अच्छा है, हम लोग अब बाहर घूमने नहीं जायेंगे। साथ ही यह भी कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर, नौकरशाह बनाने की होड़ में बच्चे की प्रतिभा के साथ न्याय नहीं करना बहुत बड़ा अपराध है। बच्चे फोटोग्राफर, कोरियोग्राफर, चित्रकार, संगीतकार, खिलाड़ी कुछ भी बनकर देश तथा समाज का नाम रौशन कर सकते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि समय रहते हम बच्चो को संस्कारयुक्त शिक्षा देने का प्रयास करें। वहीं संतोष चौरसिया ने डॉ उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ उपाध्याय ने संगीत के क्षेत्र में हम सबको गौरवान्वित किया है। नालन्दा, विक्रमशिला जैसे प्राचीनतम संस्थानों ने संगीत शिरोमणि, भारत गौरव जैसे उपाधियों से डॉ उपाध्याय को विभूषित किया है। बलिया जनपद का सौभाग्य है कि ऐसा मनीषी साहित्यकार संगीत की सेवा कर रहा है। यह समर कैंप सफल हो ये हम सभी की शुभकामना है। अन्त में समस्त आगंतुकों के प्रति ट्रस्ट की अध्यक्ष जया उपाध्याय ने आभार व्यक्त किया।

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