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Ballia : ड्रीम प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के राह में किसानों की नाराजगी बना रोड़ा


बैरिया।
जिले के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के राह में बैरिया के किसानों की नाराजगी रोड़ा बनकर उभर गयी है। इसके लिए यूपीडा द्वारा खरीदे जाने वाले जमीन का दर बैरिया तहसील क्षेत्र के किसानों के बार-बार की मांग के बाद नहीं बढ़ाए जाने से परेशान है। दर्जनों किसानों ने कहा कि हम लोग गुहार लगाते-लगाते थक गए हैं। एक पखवारा के भीतर हम लोगों को बाजार भाव के हिसाब से जमीन की कीमत नहीं दी गई तो उपजिलाधिकारी बैरिया कार्यालय के सामने सामूहिक आत्मदाह करेंगे। वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रबुद्ध किसानों ने प्रकरण को उच्च न्यायालय में ले जाने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को बैरिया डाक बंगला परिसर में किसानों की एक बैठक संपन्न हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया। वहीं किसानों का आरोप है कि बैरिया, दयाछपरा, दलपतपुर, सोनबरसा, शिवन टोला, चांद दियर, टेंगरहीं के किसानों की जमीन का मूल्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझकर कम निर्धारित किया है, जिसके तुलना में बलिया से मझौंवां तक के किसानों को अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है। जबकि वहां जमीन का बाजारू कीमत बैरिया की तुलना में बहुत ही कम है। वही सिताबदियारा के इलाके में भी मुआवजा का रेट बहुत अधिक है। जबकि वहां की जमीन बैरिया तहसील क्षेत्र की जमीन से कई गुना सस्ती है। आखिर बैरिया के किसानों के साथ नाइंसाफी क्यों किया जा रहा है। इसकी जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की भी गुहार कई बार लगाई गई। किंतु अधिकारी किसानों के बातों पर ध्यान नहीं दिए। ऐसे में आत्मदाह के अलावा किसानों के सामने कोई विकल्प नहीं है। उक्त बैठक में दयाछपरा के बृजेश पांडे, मुन्ना पांडे, बैरिया के धनंजय सिंह, दयाशंकर सिंह, विनोद गुप्ता, नरेंद्र कुंवर, टेंगरहीं के सुरेश चंद्र सिंह, सुभाष सिंह, राणा अमर सिंह, राणा आनंद सिंह, सोनबरसा के चुनमुन सिंह आदि ने अपने विचार रखे तथा प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी किये।

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