Ballia : लोकसभा सलेमपुर : देवरिया से हारता रहा बलिया


रोशन जायसवाल

बलिया जनपद के किसी भी नेता को अब तक नहीं मिली सफलता
बलिया। लोकसभा सलेमपुर में बलिया जिले के जुड़े कई नेताओं ने चुनावी ताल ठोका लेकिन कामयाबी के शिखर पर नहीं पहुंच पाये।

द्वाबा विधानसभा क्षेत्र के डॉ0 भोला पाण्डेय 8 बार कांग्रेस से चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव में सफलता नहीं नहीं मिल पायी। वहीं सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व मंत्री राजधारी सिंह 2004 में समता दल, भाजपा गठबन्धन से चुनाव लड़े, लेकिन वह भी चुनाव जीत के करीब नहीं पहुंच पाये।

उसके बाद 2009 में जदयू भाजपा गठबन्धन से बलिया निवासी एमएलसी रविशंकर सिंह भी चुनाव लड़े, उसके बाद 2014 में बसपा से से लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। डॉ0 भोला पाण्डेय पहली बार 1991 में सलेमपुर लोकसभा से चुनाव लड़े, उसके बाद 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 व 2014 में चुनाव लड़ चुके है।

उसके बाद 2019 में वाराणसी से शिक्षक व पूर्व एमएलसी डॉ0 राजेश मिश्रा चुनाव लड़े, लेकिन वह भी चुनाव जीत के करीब नहीं पहुंच पाये। उसके बाद 2019 में सपा बसपा गठबन्धन से लखीमपुर खीरी निवासी बसपा के मौजूद प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली। देखा जाय तो सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक दृष्टि से देखें तो देवरिया जिले के निवासियों के सांसदों का ही दबदबा रहा। ऐसे में बलिया देवरिया से हमेशा हारता रहा।

जबकि देवरिया जिले का विधानसभा सलेमपुर व भाटपाररानी बलिया के तीन विधानसभाओं बेल्थरा, सिकन्दरपुर व बांसडीह पर भारी रहा। ऐसे में बलिया जिले से जुड़े विभिन्न राजनैतिक दलोें के प्रत्याशी चुनाव में सफलता नही ं हासिल कर पाये। अब देखना यह होगा कि आगामी लोकसभा 2024 के चुनाव मंे देवरिया के दो विधानसभाओं पर बलिया का तीन विधानसभा पर भारी पड़ता है या नहीं।

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