Ballia : छात्र राजनीति से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक राजमंगल यादव का ऐसे रहा राजनीतिक सफर

रोशन जायसवाल,
बलिया।
समाजवादी पार्टी के राजनीति में राजमंगल यादव का नाम एक पहचान रखता था। उन्होंने अपने राजनीति की शुरूआत 1992 के आसपास छात्र राजनीति से शुरू की और जिले के सबसे बड़े विद्यालय टीडी कालेज के छात्रसंघ के महामंत्री बने। उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भी बैठने का मौका मिला। लगभग पांच साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। करीब 2011 के आसपास जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा प्रत्याशी रामाधीर सिंह से चुनाव हार गये। उसके बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजमंगल यादव के संघर्षों को देखते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाया।

राजमंगल यादव ने संगठन की मजबूती के लिये नौजवानों को समाजवादी पार्टी से जोड़ा। चूंकि छात्र राजनीति से जुड़ने के कारण उन्होंने छात्रों के सम्मान के लिये उन्होंने हमेशा अपने आप को आगे करके चलें। विधानसभा चुनाव हो या निकाय चुनाव, हर चुनाव में भी राजमंगल यादव ने सपा उम्मीदवारों के प्रति निष्ठा पूर्वक उर्जा लगायी। दूसरे बार में भी अखिलेश यादव ने राजमंगल यादव

को सपा का जिलाध्यक्ष बनाया। हालांकि कई दावेदार थे, लेकिन अखिलेश यादव ने राजमंगल पर एक बार और भरोसा जताया और जिले की कमान सौंपी। पिछले दिनों लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक आवश्यकक बैठक भी उन्होंने की। जिसमें बलिया के नेता भी शामिल थे। इसमें भी अखिलेश यादव ने राजमंगल का सम्मान बढ़ाते हुए मिशन 2024 को आगे

बढ़ाने और पार्टी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी। राजमंगल यादव का निधन कब हुआ और कैसे हुआ यह सब जानने के लिये बलिया से लेकर लखनऊ तक लोग बेताब रहे। जानकारी यह मिली कि सुबह करीब आठ बजे के आसपास राजमंगल यादव अपने लखनऊ स्थित आवास से टहलने के लिये अपने एक साथी के साथ स्कूटर से निकले हुए थे। अचानक एक अज्ञात वाहन ने उनके

स्कूटर को टक्कर मार दी। लोगों ने उन्हें हास्पिटल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। जैसे ही इसकी जानकारी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हुई वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गये। इस दौरान अखिलेश यादव काफी देर तक पोस्टमार्टम पर जमे रहे और राजमंगल यादव के लड़के से बातचीत भी की। करीब दो बजे के बाद लखनऊ पोस्टमार्टम हाउस से

राजमंगल यादव का पार्थिव शरीर बलिया के लिये रवाना हुआ। लखनऊ पहुंचने वालों में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व मंत्री राजंेंद्र चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, विधायक संग्राम सिंह यादव, अरविंद गिरि, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष अवलेश सिंह, शशिकांत चतुर्वेदी, विकेश सिंह आदि पहुंचे हुए थे।

बड़े नेताओं के बीच भी लोकप्रिय थे राजमंगल
बलिया। राजमंगल यादव समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष होने के बाद भी विभिन्न राजनीति दलों के बड़े नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध रहे। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सांसद वीरेंद्र ंिसह मस्त, पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, अंबिका चौधरी, रामगोविंद चौधरी, पूर्व मंत्री नारद राय सहित अन्य बड़े नेताओं राजमंगल यादव के अच्छे संबंध रहे।

सपा कार्यकर्ताओं में दौड़ी शोक की लहर
बलिया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राज मंगल यादव के लखनऊ में दुघर्टना में निधन की खबर फैलते ही जनपद के समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। सभी की आंखे नम हो गईं। सभी ने शोक व्यक्त करते हुऐ राजमंगल यादव को मृदुभाषी परिश्रमी एवं कर्तव्यनिष्ठ बताया। सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जब मै टी.डी.कालेज छात्रसंघ का अध्यक्ष था उस समय राजमंगल यादव छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए थे लगभग 30 वर्षाे का रिश्ता था। राजमंगल यादव भाई के समान मेरे मित्र थे इनके निधन से मुझे व्यक्तिगत अघात लगा हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने कहा कि राजमंगल यादव एक जुझारू एवं पार्टी के लिए समर्पित नेता थे उनका असमय जाना बहुत बड़ा आघात हैं। सिकंदरपुर विधायक व पूर्व मंत्री मो. जियाऊदीन रिजवी ने कहा कि पार्टी के लिए समर्पित और पक्ष के मजबूत राजमंगल यादव का निधन अपूरणीय क्षति हैं। विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि राजमंगल यादव से मेरे परिवारिक रिश्ते थे मेरे निर्वाचन क्षेत्र के ही वह निवासी थे। पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा कि आज हमने अपना सबसे मजबूत एवं अनुशासित साथी खोया हैं। पूर्व मंत्री नारद राय, विधायक जय प्रकाश अंचल, सनातन पाण्डेय सहित सभी वरिष्ठ नेताओ ने अपनी अपनी संवेदना प्रकट किया हैं।

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