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Ballia : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गये रजिस्ट्रार कानूनगो


बेल्थरा रोड (बलिया)।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर की टीम ने बेल्थरा रोड तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो राघवेंद्र सिंह को 2700 रुपए रिश्वत लेते समय मंगलवार की दोपहर में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। रंगे हाथ गिरफ्तार होने की खबर फैलते ही पूरे तहसील में हड़कंप मच गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित की मानंे तो बेल्थरा रोड तहसील अंतर्गत ग्राम अतरौल निवासी सोना मौर्य की ओर से बेल्थरा रोड तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो राघवेंद्र सिंह के विरुद्ध रिश्वत मांगने की शिकायत की गई थी। प्रकरण खतौनी में नाम दुरुस्त कराने को लेकर सामने आया था। संक्षिप्त जानकारी के अनुसार बताया गया कि ग्राम अतरौल निवासी सोना मौर्य पुत्र पतरु का नाम खतौनी में लिपिकीय त्रुटी वश सोना मौर्य के स्थान पर हीरा लाल दर्ज हो गया था, जिसके सुधार के लिए तहसील के समक्ष न्यायालय में राजस्व संहिता की धारा 38 के तहत वाद दायर किया गया था। न्यायालय के आदेश के बाद भी सही नाम दर्ज करने के लिए आरोपी रजिस्ट्रार कानूनगो सिंह ने 1500 रुपये रिश्वत के रुप में पहले ले चुका था और अभी 2700 रुपये की मांग की थी। परेशान होकर सोना मौर्य ने फोन द्वारा इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रदेश कार्यालय में मोबाईल फोन से लखनऊ की थी। लखनऊ कार्यालय से मिले निर्देश के अनुपालन में भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर से निरीक्षक संतोष कुमार द्विवेदी के नेतृत्व मेें एक टीम गठित हुई और टीम बेल्थरारोड पहुंच कर सोना मौर्य से मुलाकात कर आवेदन लेकर योजना बनायी और मंगलवार की दोपहर करीब 2 बजे बेल्थरारोड तहसील के रजिस्ट्रार कार्यालय में सोना मौर्य ने टीम के साथ प्रवेश कर रिश्वत के 2700 रुपये जैसे ही रजिस्ट्रार कानूनगो राघवेंद्र सिंह को दिये कि रिश्वत लेते समय टीम ने तत्काल उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और जब उनका हाथ धुलवाया तो उनका हाथ लाल हो गया। टीम ने उभांव थाने में 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथा संशाधित भ्र्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर के निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित के नेतृत्व मेें गठित टीम में निरीक्षक उदय प्रताप सिंह, निरीक्षक सुबोध कुमार, उप निरीक्षक नीरज कुमार सिंह, मु0 आरक्षी चन्द्रभान मिश्रा, मु0 आरक्षी चन्द्रभान वर्मा, अन्य आक्षियों में पंकज मौर्य, रुपेश कुमार सिंह तथा आनन्द कुमार यादव शामिल रहे। ज्ञातव्य हो कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम का यह दूसरा सफल अभियान रहा। इससे कुछ साल पूर्व राजस्व अहलमद वशिष्ठ मौर्य को भी रिश्वत लेने के मामले में टीम सफलता पा चुकी है। एसडीएम अनवर राशिद फारुकी ने पूछे जाने पर बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें है। इसकी प्राथमिकी उभांव थाने से मंगाकर जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट विभागीय कार्यवाही के लिए भेजी जा रही है।

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