Ballia : 13 साल से बनकर तैयार, उसके बाद भी पात्रों को नहीं मिला आवास

बेघर को घर देने वाली बसपा सरकार में बना था कांशीराम आवास
रसड़ा से शिवानंद वागले की एक रिपोर्ट…
रसड़ा (बलिया)।
नगर पालिका रसड़ा क्षेत्र में वर्ष 2010 में बसपा सरकार में बनकर तैयार कांशीराम आवास आज भी पात्रों को नहीं मिला। सैकड़ों कमरे खंडहर और जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है। हालत यह है कि जर्जर होकर खंडहर में लावारिस हालत में पड़े है। 13 साल बाद भी आवास का आवंटन न होने से शराबियों आर अराजक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। कमतैला गांव व सिंगही चट्टी के

पास यह आवास खंडहर बनता जा रहा है। खिड़कियां व दरवाजे टूट रहे है। रंगाई पोताई के अभाव में दीवारों में दरार पड़ने लगे हैं लेकिन जरूरतमंदों को इसका लाभ अभी तक नहीं मिल सका है। यह भी माना जा रहा है कि कांशीराम आवास आवंटन में कई विभागीय पेंच है। हालांकि वर्ष 2020 में तत्कालीन एसडीएम विपिन जैन ने नगरपालिका क्षेत्र के लोगों से आवास में रहने के लिये आवेदन पत्र मांगे थे और एक हजार लोगों ने आवेदन भी किया। किंतु शासन प्रशासन के उदासीनता के चलते यह फाइलें धूल फांक

रही है। 100 परिवारों के लिये बने इस कांशीराम आवास पर सरकार कब तक नजरें इनायत करेगी यह समय की बात होगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गरीब पात्रों के लिये कांशीराम आवास का निर्माण कराया था। सत्ता जाने के बाद सपा और भाजपा सरकार की निगाह इस पर नहीं पड़ी। यदि सरकार चाहे तो आसमान के नीचे रहने वाले लोगों को आवास दे सकती है। आखिर इस मामले में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हो रही है यह सोचनीय विषय है।

क्या बोले चेयरमैन विनय शंकर जायसवाल
रसड़ा नगरपालिका के चेयरमैन विनय शंकर जायसवाल ने बताया कि कांशीराम आवास आज भी अधूरा है। यही कारण है कि इस आवास का हैंडओवर नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि मैं पहले पहले भी प्रयासरत था और आज भी हूं। इस सिलसिले में डीएम से वार्ता होगी। कार्यदायी संस्था आवास विकास कार्यालय आजमगढ़ से पत्राचार करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।

क्या बोले विधायक उमाशंकर सिंह
इस संबंध में यूपी के एक मात्र बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा कि आज भी रसड़ा क्षेत्र के गरीब पात्र आवास के अभाव में नीले गगन के तले जीवन यापन करने को मजबूर है और आवास के सिलसिले में पात्रों ने अपनी पीड़ा मुझे सुनायी है। मैं उनकी पीड़ा को लेकर पिछले विधानसभा बजट सत्र में इस मुद्दे को विधानसभा अध्यक्ष के सामने रखा था। मैंने यह कहा था कि उत्तर प्रदेश में आज भी बहुत जगहों पर कांशीराम आवास का निर्माण कार्य आज भी अधूरे पड़े है, उसमें रसड़ा भी शामिल है। मेरे बातों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं विधानसभा अध्यक्ष ने नगर विकास मंत्री को अवगत कराया था कि कांशीराम आवास के अधूरे कार्यों को पूरे कर पात्रों को दिये जाएं। लेकिन आज भी विधानसभा अध्यक्ष की बातों पर नगर विकास मंत्री न गंभीरता से विचार नहीं किया। यदि गंभीरता से विचार किये होते तो आज कांशीराम आवास बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया होता। कहा कि पांच साल तक सपा सरकार में भी कांशीराम आवास के अधूरे कार्यों को पूरा नहीं किया जा सका। कारण यह रहा कि कांशीराम आवास पूरी तरह जंगल में तब्दील हो गया हैं। उसके बाद भाजपा सरकार ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। ये लोग दलितों की बात करते है लेकिन दलितों के उत्थान की बात भूल जाते है। उन्होंने कहा कि इस बार भी इस मुद्दे को सदन में रखूंगा। यदि उसके बाद भी कोई काररवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पात्रों के साथ सड़क पर उतरने को मजबूत होंगे।

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