उम्रकैद की सजा सुनते ही सिर पकड़कर बैठ गया मुख्तार

बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को करीब 33 साल पुराने शस्त्र लाइसेंस मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट वाराणसी के विशेष न्यायाधीश अवनीश गौतम की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसला आते ही मुख्तार अंसारी सिर पकड़कर बैठ गया। बता दें कि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है। सुरक्षा कारणों के चलते उसे वाराणसी नहीं भेजा गया।

हालांकि वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया। सूत्रों के अनुसार मुख्तार अंसारी रोजा खोलने से पहले अन्य मुस्लिम बंदियों को फल, खजूर आदि सामग्री वितरित करता था। वाराणसी जिले की एमपी/एमएलए कोर्ट की अदालत ने नौ महीने बाद ही बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को दूसरी बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस बार गाजीपुर के 33 वर्ष तीन महीने नौ दिन पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में सजा सुनाई गई है। 2.02 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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