Ballia : 78 पर भारी पड़ रहा 45, कभी एनडीए तो कभी राजद पर चल रहा है नीतिश का तीर

रोशन जायसवाल,
बलिया।
सत्ता बनाने में जिस दल की व्यवस्था हो लेकिन बिहार की राजनीति में नीतिश का तीर सब पर भारी पड़ रहा है। कभी एनडीए तो कभी राजद पर नीतिश का तीर ऐसा चला कि साढ़े तीन साल में दो बार सीएम की कुर्सी पर बिहार के सुशासन बाबू नीतिश कुमार हावी है। अक्टूबर माह 2020 में बिहार विधानसभा का चुनाव संपन्न हुआ।

ऐसे में अगला चुनाव 2025 को है। यानि लोकसभा चुनाव के बाद ठीक बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है। लेकिन इसके पूर्व ही बिहार की राजनीति में फेरबदल की आशंका बनी हुई है। वैसे राजद का लालटेन की रोशनी से बिहार चमकेगा या अंधेरे में रहेगा यह 28 जनवरी को तय होगा। वैसे नीतिश कुमार मीडिया के सवालों के जवाब में खुलकर सामने नहीं आ रहे है। नीतिश राजद को से अपने आप को दरकिनार कर रहे है या नहीं है, क्या वह फिर एनडीए के साथ जा रहे है। यह सवाल बिहार की जनता नेताओं से पूछ रही है। लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि नीतिश कुमार राजद से अलग हो रहे हैं। उधर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार के सीएम नीतिश कुमार को चार बार फोन किया है लेकिन नीतिश कुमार ने लालू प्रसाद यादव के फोन का जवाब अभी तक नहीं दिया है। ऐसे में कुछ न कुछ जरूर है जो यह संकेत दे रहा है कि राजद और जदयू गठबंधन की सरकार खतरे में है। उधर दिल्ली यह चर्चा है कि नीतिश कुमार एनडीएम में शामिल हो सकते है। वैसे बिहार में सरकार बनाने के लिये 123 विधायकों की जरूरत पड़ेगी ऐसे में भाजपा के पास 78 व जदयू के पास 45 विधायक है। यदि जदयू के विधायक टूटे नही ंतो यह तय है कि बिहार में एनडीए और जदयू की सरकार बन सकती है। उधर राजद के पास 78 विधायक है वहीं कांग्रेस के 19 विधायक है। लेफ्ट के पास 16 विधायक है। जीतन लाल मांझी के पास पांच विधायक हैं। ओवैसी की पार्टी से एक विधायक है वहीं निर्दल एक हैं। यदि सभी दल राजद के पक्ष में हो गये तो तभी भी 120 विधायक हो सकते है। यदि जदयू के विधायक टूट कर राजद के पक्ष में गये तो नीतिश को सरकार बनाने में भारी दिक्कत हो सकती है।

बिहार में नीतिश सरकार ही रहेगी

जदयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवलेश कुमार सिंह ने कहा कि जो होगा अच्छा होगा। बिहार में नीतिश सरकार ही रहेगी और विकास की गंगा बहेगी। विरोधी कितना भी ताकत लगा लें बिहार में नीतिश सरकार ही तस्वीर बदलेगी। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिश कुमार हिन्दुस्तान के बड़े नेता है औार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से सभी घबराये हुए है। हमारे नेता नीतिश कुमार संघर्षशील, ईमानदार, कर्मठ और जुझारू तेवर के नेता है। कभी अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया। हमेशा न्याय की मांग करते हुए पूरा जीवन राजनीति में लगा दिया। ऐसे में बिहार के सीएम नीतिश कुमार एक बेदाग चेहरा है। कोई भी उन पर अंगुली नहीं उठा सकता। वह गरीब, अति पिछड़ों के नेता है। बता दें कि जदयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवलेश सिंह बिहाार के दौरे पर है। वह जदयू के यूपी प्रभारी व बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार के साथ हैं उनकी मुलाकात देर शाम नीतिश कुमार के साथ हो सकती है। उन्होंने कहा कि जो भी कुछ होगा वह 28 जनवरी को होगा और देश के लिये एक अच्छा संदेश होगा।

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