Ballia : साढ़े तीन वर्ष में तीसरी बार चला तीर

बलिया। अक्टूबर 2020 मे हुए विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर 2020 मे बिहार मे एनडीए और जदयु की गठबंधन सरकार बनी और सीएम के पद पर नीतीश कुमार की ताजपोशी हुई उसके बाद करीब साढ़े 16 माह तक एनडीए और जदयू की गठबंधन

सरकार चली उसके बाद एनडीए को छोड़कर नीतीश कुमार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर अगस्त माह 2022 मे बिहार में दूसरी नई सरकार बनाई अब तीसरी सरकार एक बार फिर जनवरी माह के 28 तारीख को एनडीए के साथ नीतीश कुमार की सरकार बनना तय है।

आखिर क्यों गिरी बिहार सरकार
बिहार के राजनीति मे एक अहम सवाल यह भी है कि आखिर बिहार मे राजद और जदयू गठबंधन की सरकार क्यों गिर गई। कयास यह भी लगाया जा सकता है कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार भाजपा के सामने इंडिया गठबंधन को बहुत तेजी से मजबूत कर रहे थे। देश के कई प्रदेशों के नेताओं से संपर्क भी साध रहे थे। इंडिया गठबंधन को लेकर दिल्ली में कहीं बड़ी बैठके भी हुई जिसमें बड़े नेता भी शामिल हुए लेकिन कहीं ना कहीं लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार के बढ़ते कदम को रोकने का प्रयास करते है, वह नहीं चाहते थे कि इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं में नीतीश कुमार आगे रहे। शायद इसीलिए नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन का संयोजक नहीं बनाया गया जिससे वह काफी नाराज थे। उधर बंगाल कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पीएम पद के चेहरे के रूप में खरगे को प्रमोट किया था कहीं ना कहीं ममता बनर्जी और लालू प्रसाद यादव को लेकर नीतीश कुमार अंदर से दुखी थे। यही वजह रही कि वह राजद को छोड़ एनडीए में शामिल हो गये जिसके बाद नई सरकार बनना तय है।

कही नीतीश कुमार ने लोकसभा को लेकर गोपनीय सर्वे तो नहीं कराई थी
बहरहाल जो भी हो बिहार सरकार गिर चुकी है, अब नई सरकार बनने जा रही हैं। बिहार में एनडीए में पुनः नीतीश कुमार शामिल हो चुके है उसको लेकर बिहार के राजनीति में कहीं ना कहीं चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के 40 सीटों पर राजनीतिक सर्वे तो नहीं कराई थी क्योंकि एक मांह पहले अखबारों में पढ़ने को मिला था कि राजद और जदयू मिलकर आपस में लोकसभा सीटे बाट ली है फिर ऐसा क्या हुआ राजद और जदयू में खटास पैदा हो गया कि नीतीश को लालू का साथ छोड़ना पड़ा।

खेला तो एक माह पहले से चल रहा
27 व 28 दिल्ली और 27 व 28 बिहार में रहा घमासान

दिल्ली मे 27 व 28 दिसंबर को जदयू कि बड़ी बैठक मे घमासान रहा। देश भर के जदयू के बड़े नेता दिल्ली मे डेरा डाले हुए थे। उस बीच नीतीश कुमार कि ताजपोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हुई थी ठीक एक मांह बाद 27 व 28 जनवरी को बिहार की राजनीति में ऐसा भूचाल आया कि राजद और जदयू की सरकार गिर गई। यानी कि खेला एक माह पहले से चल रहा था जो जनवरी माह के 28 तारीख को देखने को मिला।

बलिया से रोशन जायसवाल

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