Ballia : बिजली कर्मचारी जान हथेली पर रखकर सही कर रहे फाल्ट


बैरिया (बलिया)।
क्षेत्र में संविदा और आऊटसोर्सिंग के बिजली कर्मचारी जान हथेली पर रखकर फाल्ट सही कर रहे हैं। इनके लिए सुरक्षा किट समेत अन्य सुविधाएं दिए जाने का दावा महज कागजों तक ही सीमित है। हादसा होने पर परिजनों को सरकारी मदद तक नहीं मिलती। रही बात अधिकारियों की तो वह सब जानते हुए भी इन कर्मचारियों की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। विद्युत उप केन्द्र बैरिया, विद्युत उप केन्द्र लोक धाम ठेकहा, विद्युत उप केन्द्र जय प्रकाश नगर के समस्त फीडरांे पर आउटसोर्सिग से लगभग चार दर्जन से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गर्मी हो या सर्दी या बरसात फाल्ट भी अधिक होता हैं, लेकिन इन कर्मचारियों को विभागीय स्तर पर सुरक्षा किट और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बिना सुरक्षा उपकरण के इन्हें पोलों पर फाल्ट ठीक कराने के लिए चढ़ा दिया जा रहा। ऐसे में यह कर्मचारी जान हथेली पर लेकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे, लेकिन मान लीजिए अगर कोई हादसा हो जाता है तो इनके परिवार के लोगों को कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाती है। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में आए दिन संविदा कर्मी तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारी किसी न किसी हादसे के शिकार हो रहे है। देखा जाए तो विभाग संविदा तथा आऊट सोर्सिंग कर्मचारियों भरोसे ही चल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानंे तो क्षेत्र में स्थायी लाइनमैैन कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। नियमानुसार बिजली के पोल पर केवल लाइनमैन ही चढ़ सकता है, लेकिन विभाग और कंपनी के ठेकेदार संविदा कर्मचारियों को काम कराने के लिए खंभों पर चढ़ा दे रहे हैं। वह भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कोई बड़ा या छोटा फाल्ट आने पर इन्हीं कर्मचारियों से ठीक कराया जाता हैै। नियमानुुसार इन कर्मचारियों को रबर के दस्ताने, प्लास, पेंचकस, टेस्टर, झूला, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, जूता अनिवार्य है। सुरक्षा के बिना ही 30 से 40 फीट ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारी बिना सेफ्टी बेल्ट के काम करते हैं। नियमानुसार संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई की सुविधा मिलनी चाहिए। इससे हादसे होने पर उन्हें सरकारी मदद के साथ इलाज की सुविधा मिल सके, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। हादसा होने पर कर्मचारी चंदा एकत्रित कर आपस में मदद करते हैं।

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