Ballia : काश! 22 जनवरी को हमारेे बीच होते महंत रामचंद्र जी दास व अशोक सिंघल

अयोध्या के राममंदिर की बात सुन रो पड़े कथावाचक
रोशन जायसवाल,
बलिया।
रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के बर्रेबोझ गांव में स्थित बजरंग बली सभागार में सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है। इसका समापन 24 जनवरी को होगा। कथावाचक विजय कृष्ण शांडिल्य द्वारा भगवान की कथा हो रही है। शनिवार को जदयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवलेश कुमार सिंह कथा में शामिल हुए। इस दौरान विजय विजय कृष्ण शांडिल्य को सम्मानित किया गया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मीडिया के साथियों ने कथावाचक विजय कृष्ण शांडिल्य से अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बारे में

सवाल किया तो जवाब देते समय रो पड़े। आंखों मंें आंसू लिये श्री शांडिल्य ने कहा कि मैं एक कथावाचक हूं और इस अदभुत क्षण का मैं वर्णन नहीं कर सकता है ऐसा बोलते ही उनके आंखों में आंसू आ गये। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं की इसमें आहूति चली गयी। ऐसे कार्यकर्ता जो अपने मां बाप परिवार को त्याग कर अपना संपूर्ण जीवन रामंदिर आंदोलन में लगा दिया। महंत रामचंद्र जी दास महाराज को हमने खो दिया, रामभक्त अशोक सिंघल को खो दिया। ऐसे महान विभूतियां इस दिन के लिये प्रतीक्षा कर रही थीं इस अवसर पर उनका होना बहुत जरूरी था, लेकिन उन्हें भगवान ने उठा लिया। काश वे आज जिंदा होते तो इस क्षण को जरूर देखते। उन्होंने अयोध्यावासियों सहित पूरे देशवासियों से अपील किया कि 22 जनवरी का उत्सव किसी दीपावली से कम न हो। 22 जनवरी का उत्सह यदि जन्मभूमि द्वादशी के रूप में मना लिया जाए तो सबसे अच्छा होगा। इस अवसर पर रमेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, धीरज सिंह, कृष्णा सिंह, अजय सिंह, नवतेज सिंह, अमित सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।

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