Ballia : सामाजिक न्याय आंदोलन के युग पुरूष थे शम्भूनाथ चौधरी ‘‘दादा’’


बलिया।
जे0पी0 विचार मंच के संयोग द्विवेजेन्द्र मिश्र ने कहा कि शम्भूनाथ चौधरी सामाजिक न्याय आन्दोलन के युग पुरूष थे। वे शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित अधिवक्ता भवन में पूर्व विधायक एवं अधिवक्ता शम्भूनाथ चौधरी के पूण्य तिथि के अवसर पर आायोजित स्मृति सभा के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते कहा। उन्होेंने कहा कि आज का राजनीतिक दौर नफरत और विद्वेश का दौर है। ऐसे में शम्भूनाथ चौधरी के विचारांे को आत्सात करते हुए नफरत के खिलाफ संघर्ष करने की जरूरत है। डा0 विश्राम यादव उन्हेें जन संघर्षों का नेता बताया। यशपाल सिंह ने कहा कि शम्भूनाथ चौधरी का भौतिक स्वरूप जितना छोटा था, उससे बहुत विशाल उनका व्यक्तित्व था। राजेन्द्र चौधरी एडवाकेट ने कहा कि उनका आन्दोलन जातीय भेद भाव एव उस दौर में कायम सामन्तवाद के खिलाफ आन्दोलन था। जब जनता को शासन प्रशासन से न्याय नहीं मिलता था तब वे एक अधिवक्ता के रूप में सरकार के समानन्तर , जनता कचहरी का आयोजन कर प्रदेश में चर्चा मे आये थे। उनके जूझारू तेवर एवं संघर्ष की शैली से जनता ने उन्हें ‘‘दादा’’ की उपाधि से नवाजा था। कार्यक्रम को प्रमुख रूप से विजय शंकर चौबे एडवोकेट, संतोष शुक्ला, साथी रामजी गुप्ता, राजन कन्नौजिया, सूरज समदर्शी, तेज नारायन, का0 परमाता राय, मु0 यूसुफ, रमेश विन्द, राजेश गोड़, गनेश यादव, प्रदीप यादव, राजनारायन यादव, सुबास, बृजेश बौध, दयानन्द, हरिहर राम, धन्नू खरवार आदि ने सम्बोधित किया। संचालन कार्यक्रम के आयोजक माले नेता लक्ष्मण यादव ने किया।

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