अमित शाह से मिले ओमप्रकाश व दारा सिंह

रोशन जायसवाल,
बलिया।
आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस भीषण ठंड में भी राजनीतिक सरगर्मियों में गरमाहट है। बड़े नेता दिल्ली में जमे हुए है और उनसे मिलने के लिये पूर्वांचल के कई बड़े नेता भी संपर्क बनाये हुए है। योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं शुरूश् हो चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या 22 जनवरी से पहले योगी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा।

संभावना यह है कि एक सप्ताह के अंदर मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। उधर गुरूवार को सुबह सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर दिल्ली में स्थित गृह मंत्री अमित शाह से आवास पर मिले। सूत्र बता रहे है कि वह मंत्री न बनने से नाराज होकर अमित शाह से मिलने पहुंचे थे। उधर पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान भी अमित शाह से भेंट किये। पूर्वांचल के दो बडे नेता अमित शाह से मुलाकात करने के बाद जैसे ही बाहर निकले उनके समर्थक और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। बताते चलें कि एनडीए में शामिल होने के बाद ओमप्रकाश राजभर की पहली मुलाकात जुलाई माह में अमित शाह से हुई थी और चर्चा यह थी कि नवरात्र में योगी के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और ओमप्रकाश राजभर मंत्री बनेंगे। लेकिन वह सपना ही रह गया। इसके बाद कई अवसर आये लेकिन ओमप्रकाश राजभर को मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला।

उसके बाद वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले लेकिन यहां उनके मंत्री बनने की चर्चा नहीं रहीं लेकिन वह जनसमस्याओं को लेकर सीएम योगी से मिले थे। उसके बाद 29 दिसंबर को वह फिर दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। उसके बाद चार जनवरी को गृहमंत्री अमित शाह से मिले।

खुद को मंत्री व बेटे को सांसद बनाने को व्याकुल है ओपी
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर राजनीतिक सुर्खियों में बने हुए है। ओमप्रकाश राजभर पूर्वांचल क बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा से ताल्लुक रखते है। इसलिये पूर्वांचल की राजनीति में इनका राजभर समाज का ताकतवर नेता माना जाता है। जिसका फायदा भी इन्हें जमकर मिला है। यही वजह रहा कि योगी की पहली सरकार में इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उधर ओमप्रकाश के राजभर समाज में जबरदस्त पकड़ को देखते हुए 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश से हाथ मिलाया। दोनों मिलकर चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली। कई महीने तक ओमप्रकाश राजभर अखिलेश यादव पर राजनीतिक टिप्पणी करते रहे। उसके बाद ओमप्रकाश राजभर अखिलेश का साथ छोड़कर भाजपा के एनडीए में शामिल हो गये। अब उनके मंत्री बनने की चर्चा हो रही है। इधर यह भी देखा जा रहा है कि पूर्वांचल के तीन सीटों व बिहार के दो सीटों पर ओमप्रकाश राजभर चुनाव लड़ने का मन बनाये हुए है। जिसमें घोसी, सलेमपुर, गाजीपुर सीट चर्चाओं में है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि ओमप्रकाश राजभर अपने बेटे अरविंद राजभर को लोकसभा में भेजना चाहते है। इसलिये पूर्वांचल के किसी एक सीट से अरविंद राजभर को मैदान में उतार सकते है।

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