Ballia : पूछ रही जनता, क्या योगेश्वर नहीं लड़ेंगे चुनाव

सवाल यह है कि योगेश्वर अपने भाषण में यह नहीं कहा कि उन्हें लड़ना है चुनाव
रोशन जायसवाल,
बलिया।
योगेश्वर सिंह का कार्यकर्ता सम्मान समारोह लोकसभा सलेमपुर में चर्चाओ में है। चुनावी बिगुल से पूर्व योगेश्वर सिंह का कार्यकर्ता सम्मेलन राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दिया है लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि योगेश्वर सिंह किस दल से टिकट मांग रहे है क्या उनकी दावेदारी सपा से थी यदि सपा से थी तो वह पीछे क्यों हट रहे है लेकिन बात कुछ और है,

वैसे उनकी दावेदारी भाजपा से थी जब भाजपा ने मौजूदा सांसद रविंदर कुशवाहा को टिकट देकर मैदान में भेजा, उसके बाद योगेश्वर सिंह ने अपने गांव कुसौरा में कार्यकर्ता सम्मेलन कराया और उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए यहां तक कहा कि चुनाव लड़ूं या न लड़ूं, जनता की सेवा हमेशा करता रहूंगा। इनके वक्तव्य से कई तरह के कयास लगाये जा रहे है।

लोगों का मानना है कि योगेश्वर सिंह भाजपा से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन रविंद्र कुशवाहा को टिकट मिलने से शायद वह अपना फैसला वापस ले लें। बहरहाल जो भी हो योगेश्वर सिंह सलेमपुर लोकसभा की राजनीति में बेदाग चेहरा थे। साफ सुथरी छवि, ईमानदार, कर्मठ, बेरोजगारों को नौकरी देने के कई मामले इनसे जुड़े हुए थे।

यह राजनीति की नहीं बल्कि हमेशा विकास की बात करते है। उद्योग धंधे के सवाल पर हमेशा आवाज उठाते है। शिक्षा और मेडिकल के क्षेत्र में भी उनकी आवाज हमेशा क्षेत्र में उठती रही है। यदि योगेश्वर सिंह को टिकट मिला होता तो वह छोटी जातियों, ओबीसी में उनकी पकड़ थी। इसका लाभ उनको मिलता।

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लेकिन कार्यकर्ता सम्मेलन में योगेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहीं यह नहीं कहा कि आप लोग तैयार रहें मुझे चुनाव लड़ना है। बल्कि उन्होंने यह कहा कि मैं चुनाव लड़ू या न लड़ू मैं आपके साथ हूं और रहूंगा। जरूरतमंदों की सेवा किया हूं और करता रहूंगा।

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